Manusmruti-Quran-Bible
आधुनिक भारत, राष्ट्रीय मुद्दे

कुरान, बाइबल और मनुस्मृति के अनुसार महिलाओं कि सामाजिक, धार्मिक और पारिवारिक स्थिति

शेयर करें

राहुल गांधी जैसा मंद बुद्धि, मूर्ख जिसे भारतीय सभ्यता, संस्कृति, धर्म, परंपरा का क ख ग भी पता नहीं है वह पुणे के अपने गूंज कार्यक्रम में मनुस्मृति कि आलोचना और मनुस्मृति के आधार पर सनातन धर्म मे महिलाओं कि बुरी स्थिति साबित करने का कुत्सित प्रयत्न कर रहा था। सवाल है वह अपने पिता का मुस्लिम (या पारसी) धर्म या माता के ईसाई धर्म मे महिलाओं कि दुर्गति पर चर्चा क्यों नहीं करता है? इस भारत विरोधी, हिन्दू विरोधी, सनातन धर्म विरोधी जाहिल आदमी को छोड़िए मैं दावा करता हूँ मनुस्मृति कि आलोचना करने वाले 99% कॉन्ग्रेसी, वामपंथी, जिहादी,…

Read Full History→

Bihar-riots-1946
आधुनिक भारत, राष्ट्रीय मुद्दे

क्यों बिहार के युवाओं और छात्रों ने नेहरू के कपड़े फाड़ दिए और टोपी फेंक दिया?

शेयर करें

राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर अपनी पुस्तक ‘लोकदेव नेहरू’ मे लिखते हैं। “1946 मे जब बिहार मे सांप्रदायिक दंगे शुरू हुए तो नेहरू पटना आए थे। वह ज्यादातर अपनी ही देखरेख मे फौजियों से काम ले रहे थे। एक दिन नगरनौसा नाम के गाँव मे फौजियों ने सैकड़ों हिंदुओं को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। इस समाचार से पटना मे बड़ी नाराजगी फैल गई। शाम को पण्डितजी जब नौजवानों के बीच भाषण देने को सीनेट हाल पहुंचे, तब लड़कों ने उनका कुर्ता फाड़ डाला और उनकी टोपी उड़ा ली।” आखिर क्या था पूरा मजरा? बात 1946 की है जब…

Read Full History→

islam-isayiyat
आधुनिक भारत, नवीनतम शोध, मध्यकालीन भारत, राष्ट्रीय मुद्दे

इस्लाम और इसाईयत का संक्षिप्त इतिहास

शेयर करें

हॉलीवुड के फिल्मों में आपने देखा होगा बाहर से कोई ड्रैकुला आकर शहर के किसी व्यक्ति को सम्मोहित कर या घात लगाकर शिकार करता है। फिर वह भी ड्रैकुला बन जाता है और वह भी दुसरे लोगों को शिकार बनाने लगता है। जब लोगों को यह बात पता चलती है तो वे ड्रैकुला से बचने की पूरी कोशिश करते हैं, जद्दोजहद करते हैं। फिर भी ड्रैकुला अगर किसी प्रकार उसे शिकार बना लेता है तो वह भी ड्रैकुला बन जाता है और इंसानों का शिकार करने लगता है। जोम्बीज की स्थिति थोड़ा और खतरनाक होता है। इसके पास दिमाग नहीं…

Read Full History→

हिंदू
आधुनिक भारत, राष्ट्रीय मुद्दे

हिन्दुस्थान में हिंदुओं की दुर्दशा के लिए जिम्मेदार कौन भाग-2

शेयर करें

पाकिस्तान बनाने वाले देशद्रोही मुस्लिमों का कांग्रेस में शामिल हो जाना और सत्ता पर कांग्रेस की पकड़: देश में सांप्रदायिक सौहार्द, एकता और अखंडता को वास्तविक खतरा छद्म धर्मनिरपेक्षवादियों से है. मुस्लिम लीग के जिन नेताओं ने बंटवारे का समर्थन किया वे विभाजन के बाद पाकिस्तान नही गए. वे रातोरात कांग्रेस में शामिल हो गए. पार्टी बदलने से उनकी मानसिकता नही बदली. वही विभाजनकारी मानसिकता सेकुलरवाद के नाम पर पोषित हो रही है. धूर्त मियां जवाहरलाल के समय से ही एसी मानसिकता बना दी गयी है कि मुस्लिमों के बुरे से बुरे कार्यों का यदि विरोध किया जाता है तो…

Read Full History→

हिंदू
आधुनिक भारत, राष्ट्रीय मुद्दे

हिन्दुस्थान में हिंदुओं की दुर्दशा के लिए जिम्मेदार कौन भाग-1

शेयर करें

क्या इस बात से असहमत हुआ जा सकता है की १९४७ में धर्म पर आधारित भारत विभाजन पश्चात यदि सभी हिंदू, बौद्ध, सिक्ख, जैन हिन्दुस्थान में आ जाते और सभी मुस्लिम पाकिस्तान और बंगलादेश चले जाते तो आज हम भारतीय इस्लामी आतंकवाद, अलगाववाद, कट्टरवाद, बम ब्लास्ट, सांप्रदायिक दंगे, छद्मधर्मनिरपेक्षवाद, घृणित वोट बैंक की राजनीती, जनसंख्या विस्फोट, बेरोजगारी, गरीबी आदि से इस कदर पीड़ित नही होते? यदि बंटवारे के समय हिंदुओं (हिन्दू, बौद्ध, सिक्ख, जैन) का पाकिस्तान और बंगलादेश से स्थानांतरण हिन्दुस्थान में हो जाता तो वे जो बंटवारे के समय पाकिस्तान बांग्लादेश में करोड़ों में थे आज महज कुछ हजारों और…

Read Full History→

Secularism
आधुनिक भारत, राष्ट्रीय मुद्दे

संविधान में उल्लिखित पंथनिरपेक्षता का स्वरूप और उसका राजनीतिक दुरूपयोग

शेयर करें

हम सभी अपने देश, अपनी सभ्यता, अपनी संस्कृति और अपने धर्म से प्यार करते है, उसका पालन करते हैं। हम सभी धर्मों का समान आदर कर सकते है पर हम धर्मनिरपेक्ष कैसे हो सकते है? धर्मनिरपेक्षता राज्य की प्रकृति है व्यक्ति का नहीं। धर्मनिरपेक्ष राज्य का उत्तरदायित्व है कि वह पक्षपात रहित होकर सभी धर्मों और मताबलम्बियों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करे। भारतीय संविधान में उल्लिखित पन्थनिरपेक्षता का यही आशय है। पर नेहरु और कांग्रेस शासित भारत में धोखे से धर्मनिरपेक्ष होने और धर्मनिरपेक्षता बनाये रखने की जिम्मेदारी भारतीय सभ्यता, संस्कृति, धर्म , परम्परा को माननेवाले मूलनिवासियों पर डाल…

Read Full History→

ताजमहल - कुतुबमीनार
आधुनिक भारत, मध्यकालीन भारत

ताजमहल, कुतुबमीनार में देवमूर्तियाँ निकलने लगी तो नेहरु, इंदिरा ने क्या किया?

शेयर करें

महान राष्ट्रवादी इतिहासकार स्वर्गीय पुरुषोत्तम नागेश ओक लिखते हैं कि, “ताजमहल, कुतुबमीनार या फतेहपुर सीकरी या सुल्तान गढ़ी आदि स्थलों से देवमूर्ति या संस्कृत शिलालेख जो प्राप्त होते रहे हैं उन्हें गुल और गुम करके उनकी प्राप्ति के सम्बन्ध में पूरी गुप्तता बरती जाती है. जब कुतुबमीनार परिसर से देवमुर्तिया निकाली जाने लगी तब पुरातत्व विभाग ने कुतुबमीनार के इर्दगिर्द ऊँची कनात खड़ी कर चोरी छिपे उत्खनन किया ताकि वह हिन्दू स्थल होने की बात किसी को ज्ञात न हो.” ताजमहल, कुतुबमीनार, फतेहपुर सीकरी, सुल्तान गढ़ी, हुमायूँ का मकबरा, निजामुद्दीन की दरगाह आदि सारी ऐतिहासिक इमारतें इस्लाम पूर्व हिन्दू क्षत्रिय…

Read Full History→

राणा सांगा
ऐतिहासिक कहानियाँ, राष्ट्रीय मुद्दे

राणा सांगा एक महान योद्धा

शेयर करें

समाजवादी हरा आमी ने भारत के जिस महानायक, महान योद्धा को “गद्दार” कहकर राज्यसभा में  संबोधित किया, आईये जानते हैं कि वे कौन थे! महाराणा सांगा अर्थात महाराणा संग्राम सिंह। इस महान योद्धा के बारे में आप जितना पढ़ेंगे, उतना ही आश्चर्य में डूबते चले जायेंगे। लगभग सौ युद्ध और अधिकांश में विजय! शरीर के हर अंग पर युद्ध के चिन्ह सजाए इस रणकेसरी को खंडहर, सैनिकों का भग्नावशेष आदि कहा गया है … जैसे रणचंडी ने उन्हें अपने हाथों से पुरस्कार स्वरूप घावों के आभूषण पहनाए हो। एक योद्धा की एक आँख चली गयी..किसी दूसरे युद्ध में एक पैर…

Read Full History→

khilafat-movement
आधुनिक भारत

खिलाफत आन्दोलन का समर्थन गाँधी का राष्ट्रविरोधी कुकृत्य

शेयर करें

प्रथम विश्व युद्ध में जब स्थिति बदली तो तुर्की अंग्रेजों के विरुद्ध और जर्मनी के पक्ष में हो गया। विश्व युद्ध में जर्मनी की पराजय के पश्चात अंग्रेजों ने तुर्की को मजा चखने के लिए तुर्की को विघटित कर दिया। अंग्रेज तुर्की के खलीफा के विरोध में सामने आ गए। मुसलमान खलीफा को अपना नेता मानते थे। उनमे अंग्रेजों के विरुद्ध विद्रोह की लहर दौड़ गई। भारत के मुस्लिम नेताओं ने इस मामले को लेकर अंग्रेजों के विरुद्ध सन १९२१ मैं “खिलाफत आन्दोलन” शुरू किया। मुस्लिम नेताओं तथा भारतीय मुसलमानों को खुश करने के लिए गाँधी जी ने मोतीलाल नेहरु…

Read Full History→

दलित-मुस्लिम
आधुनिक भारत, राष्ट्रीय मुद्दे

दलित मुस्लिम भाई भाई: दलितों के विरुद्ध एक खतरनाक षडयंत्र

शेयर करें

जब मुस्लिम मुस्लिम भाई भाई नहीं हो सकते, वे उंच-नीच और सच्चा झूठा मुसलमान के नाम पर एक दूसरे का कत्लेआम कर रहे हैं तो दलित मुस्लिम भाई भाई, हिन्दू मुस्लिम भाई भाई कैसे हो सकते हैं जबकि कुरान में तीन तीन जगह मुसलमानों को गैरमुस्लिमों को दोस्त बनाने से मना किया गया है? वे कुरान और हदीस को मानेंगे या भाईचारे को? दलित मुस्लिम भाईचारे के विषय पर हर दलित भाई बहनों को बाबा साहेब आंबेडकर के विचार जरुर जानना चाहिए। दलित मुस्लिम भाई भाई का नारा नया नहीं है। भारत की आजादी की लड़ाई के दौरान मुस्लिम लीग…

Read Full History→