बंगाल
राष्ट्रीय मुद्दे

बंगाल में मुस्लिमपरस्त शासन प्रशासन बंगाल ही नहीं पूरे देश केलिए खतरा बन चुका है

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लेख दो भागों में प्रस्तुत करेंगे। पहले भाग में घुसपैठ पर चर्चा करेंगे और दुसरे भाग में घुसपैठियों के कारण भारत की अखंडता, सुरक्षा और हिन्दुओं (हिन्दू, बौद्ध, सिक्ख, जैन) के भविष्य पर संकट, घुसपैठियों का राजनितिक और चुनावी प्रभाव; घुसपैठियों के कारण जनांकिकीय दबाब और डेमोग्रेफिक बदलाव; आतंकी, जिहादी, आपराधिक, रेप, रेप-मर्डर में इनकी भागीदारी; घुसपैठियों का गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई और अन्य आर्थिक दुष्प्रभाव का विश्लेषण करेंगे। भाग-1 अवैध घुसपैठ एक अनुमान के मुताबिक भारत में लगभग 7-10 करोड़ अवैध बंगलादेशी मुस्लिम और रोहिंग्या रह रहे हैं और उनमें लगभग 60 से 70 प्रतिशत पश्चिम बंगाल से घुसे हैं।…

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राष्ट्रीय मुद्दे

अनियंत्रित रेप, रेप-मर्डर केलिए न्यायव्यवस्था, न्यायाधीश और “किताब” जिम्मेदार है

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NCRB के रिकार्ड के अनुसार 2021 में भारत में प्रतिदिन 86 रेप केस रिपोर्ट किये गये। 2022 के आंकड़े भी इसी के आस पास है। रेप-मर्डर, गैंगरेप, गैंगरेप-मर्डर जैसे मामलों के अलग से कोई रिकार्ड नहीं है ये सब रेप के मामलों में ही शामिल हैं। न्यूज चैनल, अख़बार, सोशल मिडिया के माध्यम से हमसब रेप, रेप-मर्डर, गैंगरेप, गैंगरेप-मर्डर के दो-चार न्यूज तो प्रायः हर दिन देखते सुनते हैं। इन मामलों की जघन्यता की कोई सीमा नहीं होती। दो वर्ष की दुधमुंहा बच्ची से लेकर 70 वर्ष की दादी अम्मा भी रेप, रेप-मर्डर, गैंगरेप, गैंगरेप-मर्डर की शिकार हो रही हैं।…

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शिया सुन्नी
राष्ट्रीय मुद्दे

शिया, सुन्नी मुसलमान और काफ़िर

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पूरे विश्व में शिया और सुन्नी मुसलमान एक दुसरे के दुश्मन होते हैं। फिर सोचिए हिन्दुस्थान में शिया और सुन्नी मुसलमान आपस में क्यों नहीं लड़ते हैं? आइये पाकिस्तान चलकर समझने की कोशिस करते हैं। सैय्यद अहमद खान, मुस्लिम लीग और जिन्ना के द्विराष्ट्र के सिद्धांत और फिर मुसलमानों द्वारा परतंत्र भारत में हिन्दुओं (हिन्दू, बौद्ध, सिक्ख, जैन) के विरुद्ध सतत नरसंहार, हिंसा, दंगा, बलात्कार के परिणामस्वरूप जब धर्म के आधार पर भारत का विभाजन कर हिन्दुस्थान और पाकिस्तान का निर्माण हुआ तो सबसे जरुरी काम जो पाकिस्तानी मुसलमानों को लगा वो था काफिरों के विरुद्ध जिहाद। फिर उन्होंने एकजुट…

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लव जिहाद
राष्ट्रीय मुद्दे

लव जिहाद को रोकने में स्त्रियों को महत्वपूर्ण भूमिका निभाना होगा

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सभी माताओं, बहनों एवं बेटियों को प्रणाम! कुछ दशकों से हमारी बहन, बेटियां लव जिहाद की शिकार हो रही है जो पिछले कुछ बर्षों से विकराल रूप लेता जा रहा है। मैं सिर्फ अपनी बात कहता हूँ, मैं न्यूज में देखता हूँ कि औसतन हमारी 2-4 बहन, बेटियां प्रतिदिन जिहादियों द्वारा लव जिहाद/गैंगरेप/रेप/रेप-मर्डर की शिकार हो रही है। अनरिपोर्टेड कितने होंगे कहना मुश्किल है। एक वीडियो है उनमें लगभग सौ ऐसे मामले दिखाए गये हैं जिनमें अधिकांश इसी वर्ष का है और मुख्य रूप से अप्रैल से जुलाई 2024 का है। ऐसे सैकड़ों न्यूज कटिंग/स्क्रीनशॉट मेरे पास हैं जिनकी ये…

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आधुनिक भारत, राष्ट्रीय मुद्दे

अल-तकिया इस्लाम का सबसे मजबूत हथियार

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मुसलमान रक्षाबंधन में राखी बांध ले तो कुफ़्र, जय श्रीराम बोल दे तो इस्लाम से ख़ारिज, आरती कर ले तो बबाल, यहाँ तक कि गैरमुस्लिमों के त्योहारों पर उन्हें बधाई देना भी हराम होता है। पर मुसलमान कृष्णा हिंग, लक्ष्मी बीड़ी, वैष्णो ढाबा, गणेश भोजनालय, श्रीराम टी स्टाल, जैन रेस्तरां, अग्रवाल पनीर आदि नाम से वकायदा देवी देवताओं की तस्वीर और दुकानों में मूर्तियाँ लगाकर बिजनस करे तो हलाल? तिलक लगाकर, कलावा बांधकर, गरबा में जाकर, गायत्री मन्त्र बोलकर, मंदिर में शादी कर आदि विभिन्न तरीकों से हिन्दू लड़कियों को लव जिहाद में फंसाकर धर्मान्तरण कर निकाह करे या रेप-मर्डर…

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राष्ट्रीय मुद्दे

हिन्दुस्थान में मुस्लिम वोट

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भारत में 90-95% मुस्लिम वोट कांग्रेस, वामपंथी और अन्य छद्मसेकुलर पार्टियों को मिलता है और वे इसके लिए कुछ भी करने को तैयार रहते हैं (2024 लोकसभा चुनाव में मुस्लिम वोट 95% पड़ा जबकि हिन्दू वोट सिर्फ 54% पड़ा)। कभी आपने सोचा है क्यों? क्या वे उन्हें महंगाई, बेरोजगारी कम करने केलिए वोट देते हैं? क्या वे भारत के विकास, सुरक्षा और सशक्तिकरण केलिए वोट देते हैं? आखिर मुसलमानों के एकमुश्त वोट के बदले उपर्युक्त राजनैतिक पार्टियाँ उन्हें क्या देती है? ये सब देती है: 1. हिन्दुओं (हिन्दू, बौद्ध, सिक्ख, जैन)  का हाथ पैर संवैधानिक और कानूनी शिकंजों में कसकर…

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haidrabad
आधुनिक भारत, ऐतिहासिक कहानियाँ

हैदराबाद को अत्याचारी निजाम के चंगुल से मुक्त कराने की गौरव गाथा

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आजकल तेलंगाना और पूरे देश में “रजाकार” फिल्म चर्चा में हैI यह फिल्म हैदाराबाद रियासत (प्राचीन भाग्यनगर और विजयनगर का क्षेत्र) के निजाम द्वारा हिन्दुओं पर अमानवीय अत्याचार, हिंसा और बलात्कार की सच्ची घटना पर आधारित हैI दरअसल 1947 से पूर्व भारतवर्ष में 500 से अधिक रियासतें थी जिनमें 400 से अधिक गैर राजपूत, गैर ब्राह्मण रियासतें थीI भारत में हैदराबाद रियासत को छोड़कर बाकी सभी रियासतें भारत में विलय कर चुकी थीI हैदराबाद के निजाम ने 15 अगस्त 1947 को हैदराबाद को स्वतंत्र राष्ट्र घोषित कर दिया था और वह पाकिस्तान में विलय को तो तैयार था परन्तु भारत…

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conspiracy-of-secularism
आधुनिक भारत

हिन्दुओं के विरुद्ध सेकुलरिज्म का षड्यंत्र

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तथाकथित सेकुलर राजनेता, कम्युनिष्ट बुद्धिजीवी और दोगली मीडिया चिल्लाते हैं देश में असहिष्णुता बढ़ रही है और यह असहिष्णुता भाजपा और मोदी सरकार के आने से बढ़ी है. मेरा मानना है यह असहिष्णुता में वृद्धि नहीं वरन यह असंतोष में वृद्धि है और इस असंतोष में वृद्धि का कारण वर्षों से सेकुलरिज्म के नाम पर ईसाई-मुस्लिम तुष्टिकरण और हिंदुओं का राजनितिक अवहेलना, भारत के गौरवशाली सभ्यता, संस्कृति और धर्म का अपमान, राष्ट्र और धर्म की सुरक्षा से खिलवाड तथा तुष्टिकरण केलिए देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा से समझौता आदि कारणों के विरुद्ध हिंदुओं का उद्वेग, असंतोष, गुस्सा, धैर्य, सहिष्णुता…

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ताजमहल-tajmahal
नवीनतम शोध, मध्यकालीन भारत

क्या ताजमहल सचमुच प्रेम का प्रतीक है और इसे शाहजहाँ ने बनबाया है?

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अपने १४वे बच्चे को जन्म देते समय शाहजहाँ की दूसरी बीबी अर्जुमंद बानो बेगम उर्फ मुमताज जब अपनी अंतिम सांसे ले रही थी तब शाहजहाँ बुरहानपुर की एक १५ वर्षीय नामी नर्तकी के प्रेमजाल में फंसकर रासरंग में डूबा हुआ था और नहीं आया. जब आसिफ खान ने उस नर्तकी को मरवा दिया तब ही शाहजहाँ वहां से हिला और आने से पहले उसका कब्र बनबाकर आया जो अब भी विद्यमान है. शाहजहाँ की हजारों रखैलों मे दो अकबराबादी बेगम और कंधारी बेगम को शाही बेगम का दर्जा प्राप्त था.  बुरहानपुर में १६३१ में १४ वें बच्चे को जन्म देते…

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shershah-शेरशाह
मध्यकालीन भारत

बिहार का धर्मांध मुस्लिम डकैत शेरशाह सूरी

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दो मुस्लिम इतिहासकार वाकयात ए मुश्वकी (पृष्ठ १०३) तथा तारीख ए दाऊदी (पृष्ठ २५३) लिखते हैं कि एक बार सारंगपुर तथा उज्जैन के बीच यात्रा में शेरशाह ने अपने साथ चलते हुए मल्लू खान को अपने जीवन की प्रारम्भिक घटनाएँ सुनाई थी. उसने बताया कि एक बार वह चोरों तथा लुटेरों के चक्कर में पड़कर उन्हीं के साथ हो लिया और चारों ओर गावों को लूटता रहा. डाकुओं के साथ इस प्रारम्भिक प्रशिक्षण ने उन सात वर्षों तक (१५३८-४५) शेरशाह को मनमानी लूट तथा बलात्कार के योग्य बना दिया. शेरशाह का वास्तविक नाम फरीद खां था. उसका अफगानी पिता हसन…

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