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मध्यकालीन भारत

हिन्दू मन्दिर और भवन जो अब मुस्लिम इमारतें कहलाती है

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शेयर करेंहिन्दू इमारतें मुझे महान राष्ट्रवादी इतिहासकार स्वर्गीय पुरुषोत्तम नागेश ओक से पत्राचार का अवसर प्राप्त हुआ था. मैं जब मुंबई में था तो उनके भारतीय इतिहास शोध संस्थान का सदस्य भी रहा हूँ. बाबरी मस्जिद तोड़े जाने पर जब मैंने उनसे पूछा था कि आपकी क्या राय है तो उन्होंने ॐ को ७८६ को उल्टा लिखकर समझाते हुए कहा था कि आक्रमणकारी कभी निर्माता नहीं थे. वे हिन्दू इमारतों का केवल स्वरूप चेंज कर देते थे जैसे उन्होंने ॐ को ७८६ (अरबी में उल्टा लिखा जाता है) कर दिया था. उन्होंने कहा था जिस ढांचे को तोड़ा गया वो…

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mihir-bhoj
ऐतिहासिक कहानियाँ, मध्यकालीन भारत

दुश्मनों का काल रघुवंशी राजा मिहिर भोज प्रतिहार

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शेयर करेंसम्राट महिर भोज प्रतिहार वीरों और योद्धाओं की जाति गुर्जर प्रतिहार रघुवंश शिरोमणि श्रीराम के अनुज लक्ष्मण के वंशज हैं. इस वंश में एक से एक महाभट योद्धा और पराक्रमी शासक हुए जिसकी जितनी चर्चा और प्रशंसा की जाये कम है. इसी गौरवशाली वंश में सम्राट मिहिर भोज का जन्म हुआ था. उन्होंने ८३६ ईस्वी से ८८५ ईस्वी तक कभी कन्नौज तो कभी उज्जैन से शासन किया. भले ही वामपंथी इतिहासकारों ने मिहिर भोज के इतिहास को काट देने की साजिश की है, मिहिर भोज क्या उन सभी महान भारतीय सम्राटों और योद्धाओं को भारतीय इतिहास से गायब कर…

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Bakhtiyar Khilji
ऐतिहासिक कहानियाँ, मध्यकालीन भारत

बिहार, बंगाल का विनाशक बख्तियार खिलजी को असम के वीरों ने दौड़ा दौड़ा कर मारा

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शेयर करेंबख्तियार खिलजी मोहम्मद बख्तियार खिलजी गर्मसिर प्रान्त के गोर स्थान का जन्मजात लूटेरा था. अपनी लूटेरी प्रवृति के कारन वह लूटेरों के सरदार मोहम्मद गोरी के दल में शामिल हो गया और लूटपाट में अधिक से अधिक हिस्सेदारी पाने और बड़े ओहदे केलिए मोहम्मद गोरी के काम पिपासा शांत करने हेतु औरतों की दलाली करने लगा. वह हिन्दुओं, बौद्धों, जैनों को लूटने, कत्ल करने के साथ साथ उनकी स्त्रियों, बहनों और बेटियों को सेक्स गुलाम बनाकर बेचने का धंधा भी करने लगा. शैतान बख्तियार खिलजी की पैशाचिक प्रतिभा को देखते हुए मुहम्मद गोरी के अवध का सिपहसालार मलिक हिसामुद्दीन…

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प्राचीन भारत, मध्यकालीन भारत

भारत की ऐतिहासिक इमारतें हिन्दू, बौद्ध, जैन निर्मित है

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शेयर करेंहिन्दू इमारतें भारत के ऐतिहासिक इमारतों को मुस्लिम इमारतें, मस्जिदें, मकबरे आदि होने का झूठ अलेक्जेंडर कनिंघम नाम के लुच्चे अंग्रेज जो दुर्भाग्य से भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण विभाग का प्रथम अध्यक्ष था ने जानबूझकर फैलाया था. यहाँ तक की उनके सर्वेक्षकों ने जिन इमारतों को हिन्दू इमारतें पाया उन्हें भी डांटकर चुप करा दिया. जैसे की सर्वेक्षक जोसेफ बैगलर ने कुतुबमीनार और उसके आस पास के इमारतों को हिन्दू इमारतें घोषित किया तो धूर्त कनिंघम ने उसे चुप करा दिया-पी एन ओक कनिंघम के फैलाये उस झूठ को ही मुस्लिमपरस्त, हिन्दूविरोधी वामपंथी इतिहासकार ज्यों के त्यों फ़ैलाने लगे. जब…

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vishnu mandir
ऐतिहासिक कहानियाँ, मध्यकालीन भारत

बंगाल में त्रिवेणी संगम पर स्थित जफर खान गाजी का दरगाह प्राचीन विष्णुमन्दिर है

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शेयर करेंA true history of Triveni, Hooghly of Bengal; you must not have been taught. दक्षिण बंगाल के सप्तग्राम (हूगली जिले में) में मान नृपति नाम का एक स्थानीय क्षत्रप था. प्राचीनकाल में सप्तग्राम एक विश्वप्रसिद्ध अंतर्राष्ट्रीय व्यापार क्षेत्र था. यह बंगाल का प्रसिद्ध बन्दरगाह था. सप्तग्राम एक प्रसिद्ध तीर्थस्थल भी था. इसी सप्तग्राम में पवित्र तीर्थस्थल त्रिवेणी था. बंगाल के हूगली जिले में त्रिवेणी बंडेल से ४ किमी दूर, बांसबेरिया, शिवपुर में है. यहाँ गंगा के साथ यमुना की एक धारा और दक्षिण सरस्वती की एक धारा (सोलहवीं सदी तक) आकर मिलती थी इसलिए इसे दक्षिण का प्रयाग भी…

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buddh
प्राचीन भारत, मध्यकालीन भारत

महात्मा बुद्ध की अहिंसा नहीं सम्राट अशोक का धम्म नीति भारतवर्ष और हिन्दुओं के पतन का कारन था

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शेयर करेंनमो बुद्धाय प्रसिद्ध पत्रकार और लेखक फ्रंकोइस गौटीयर ने अपने आर्टिकल हिंदू पॉवर के माध्यम से यह समझाने  की कोशिस की है कि भारतवर्ष/हिंदुओं के पतन का कारन हिंदुओं में घर कर गयी कायरता, निष्क्रियता, अतिसहिष्णुता और दब्बूपन जैसी बुराईयां है और यह बुराईयां हिंदुओं में कमोवेश बौद्ध धर्म की अहिंसा की गलत नीतियों और भारतवर्ष में उसके बृहत प्रभाव के कारन जन मानस में फ़ैल जाने के कारन आई. उदहारण के रूप में वे कहते हैं की हिंदू/बौद्ध आज भी बाजिब लड़ाई झगड़े से भी दूर घरों में दुबक जाते हैं, कश्मीर से चार लाख पंडित केवल हिंदू…

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प्राचीन भारत, मध्यकालीन भारत

अरब से लेकर बांग्लादेश तक इस्लाम ने कैसे बौद्ध धर्म और बुद्धिष्टों को खत्म कर दिया

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शेयर करेंनमो बुद्धाय! इस्लाम के उदय के पूर्व सम्राट अशोक के बौद्ध धम्म की नीतियों के कारण बौद्ध धर्म और बौद्ध शासन भारत से लेकर अरब तक फ़ैल गया था. अर्बस्थान के पैगन केवल मूर्तिपूजक हिन्दू ही नहीं थे पर्याप्त संख्या में बौद्ध भी थे. अरब के काबा में तो इस्लामिक एन्सायक्लोपीडिया के अनुसार ३६० से अधिक हिन्दू देवी देवताओं की मूर्तियाँ थी और इस्लाम के प्रवर्तक पैगम्बर मोहम्मद के चाचा और परिवार उस विशालकाय मन्दिर के संरक्षक और महंथ थे. मौर्य और शुंग वंश के बाद क्या हुआ मौर्य और शुंग वंश के बाद मगध साम्राज्य के कमजोर पड़ने…

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राजा दाहिर की पुत्रियाँ
ऐतिहासिक कहानियाँ, मध्यकालीन भारत

राजा दाहिर की बहादुर पुत्रियों ने कासिम और खलीफा से बदला लिया

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शेयर करेंसूर्य और परिमल राजा दाहिर सेन की बहादुर पुत्रियाँ थी जिसने शैतान कासिम और हज्जाज का बहादुरी और चतुराई से अंत कर वीरगति को प्राप्त हुई सिंध के परमप्रतापी ब्राह्मणवंशी राजा चाच की मृत्यु के बाद 679 ईसवी में दाहिर सेन राजा बने. राजा चाच की तरह राजा दाहिर बहुत वीर और कुशल सेनानी थे. उन्होंने भी मुस्लिम आक्रमणकारियों के छक्के छुड़ा दिए थे. बात उस समय की है जब बगदाद की गद्दी पर खलीफा का गवर्नर सबसे क्रूर नरपिशाच हज्जाज बिन यूसुफ बैठा था. एकबार खलीफा और हज्जाज अपनी कामुक लिप्सा केलिए लंका से सुंदर औरतें जहाज से…

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raja dahir sen
प्राचीन भारत, मध्यकालीन भारत

महाप्रतापी राजा चाच और उनके पुत्र राजा दाहिर ने मुस्लिम आक्रमणकारियों के छक्के छुड़ा दिए थे

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शेयर करेंवीरता की प्रतिमूर्ति सिंध के राजा दाहिर सेन अरब में इस्लाम का उदय मक्का के काबा मन्दिर के पुजारी के घर मोहम्मद पैगम्बर का जन्म हुआ जिन्होंने सातवीं सदी के प्रारम्भ में इस्लाम मजहब की शुरुआत की. इस्लाम के उदय के साथ ही अर्बस्थान के यहूदियों, ईसाईयों, बौद्धिष्टों, हिन्दुओं आदि को तलवार के दम पर मुसलमान बना दिया गया. सन 634 ईस्वी से लेकर 651 के बिच पारसियों को, सन 640 से 655 ईसवी के बिच इजिप्ट के कुशाईट और ईसाई सहित लगभग सभी लोग मुसलमान बना दिये गए. नार्थ अफ्रीकन देश जैसे अल्जीरिया, ट्यूनीशिया, मोरक्को, उतरी सूडान आदि…

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anti india
आधुनिक भारत, पौराणिक काल, प्राचीन भारत, मध्यकालीन भारत

भारत का इतिहास भारत विरोधी क्यों?

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शेयर करेंभारत विरोधी इतिहास और इतिहासकार ईसाई, इस्लामी और वामपंथी तीनों इतिहास के दुश्मन होते हैं. ये तीनों अपने अतीत के इतिहास को निकम्मा और गैरजरूरी बताकर नष्ट कर देते हैं. अगर भारत में घर घर में रामायण, महाभारत, वेद, पुराण आदि नहीं होते तो ये तीनों मिलकर भारत के गौरवशाली अतीत को भी नष्ट करने में सफल हो गये होते-स्वर्गीय पुरुषोत्तम नागेश ओक, महान राष्ट्रवादी इतिहासकार विचार कीजिए… आपने किसी देश का ऐसा इतिहास पढ़ा है जो अपने ही देश और उसके मूलनिवासियों के अतीत को कलंकित करती हो? कभी आपने सोचा है विश्व की सबसे प्राचीन और गौरवशाली…

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