jashrath-khokhar
ऐतिहासिक कहानियाँ, मध्यकालीन भारत

विदेशी मुस्लिम आक्रमणकारियों का काल जशरथ खोक्खर

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शेयर करेंगक्खर (या खोक्खर) राजपूत भारत के इतिहास में अपनी वीरता और शूरता के लिए जाने जाते हैं. खासकर विदेशी मुस्लिम आक्रमणकारियों के विरुद्ध लडाई में इन्होने अपना सर्वस्व बलिदान कर दिया. इन्होने आक्रमणकारी मोहम्मद गोरी को खत्म किया, कुतुबुद्दीन, इल्तुतमिश, बलबन और मोहम्मद बिन तुगलक जैसे नरपिशाचों को धूल चटाया. परन्तु लड़ते लड़ते ये धीरे धीरे कम और कमजोर होते गए और एक दिन ऐसा भी आया की विदेशी मुस्लिम आक्रमणकारियों से अपनी प्रजा की जान माल और अस्मत की सुरक्षा केलिए इस्लाम का ढोल भी गले में बांधना पड़ गए. इन्ही लोगों में से एक थे शेख खोक्खर…

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Khusaru-khan
ऐतिहासिक कहानियाँ, मध्यकालीन भारत

राष्ट्रवादी धर्मान्तरित हिन्दू खुसरू खान उर्फ़ सुल्तान नासिरुद्दीन

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शेयर करेंशैतान अलाउद्दीन खिलजी की मृत्यु के दो दिन बाद अर्थात ४ जनवरी, १३१६ को ही उसका सबसे प्यारा और हमबिस्तर गुलाम मलिक काफ़ूर ने कुलीनों की सभा को अलादुद्दीन के सबसे प्यारे पुत्र खिज्र खां की मृत्यु की सूचना देकर पांच वर्षीय बाल-शाहजादे शहाबुद्दीन को सुल्तान घोषित कर दिया और संरक्षक होने के बहाने सारी शक्तियाँ अपने हाथों में ले लिया था. पर वह ज्यादा दिन अपने इरादों में कामयाब नहीं हो सका और अन्य दरबारियों ने षड्यंत्र कर अलाउद्दीन खिलजी जैसा ही शैतान मलिक काफ़ूर का भी काम तमाम कर दिया. फिर जेल में बंद सौभाग्यशाली मुबारक शाह…

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मध्यकालीन भारत

भारत में मध्य एशिया का खूंखार शैतान अलाउद्दीन खिलजी

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शेयर करेंइतिहासकार पुरुषोत्तम नागेश ओक लिखते हैं, “भारतीय मुस्लिम शासक चाहे वह अकबर या औरंगजेब, अहमदशाह या अलाउद्दीन या कोई भी हो वह बलात्कार, अत्याचार, कपट और दुष्टता का साक्षात् अवतार था. सभी एक दुसरे से बढ़कर शैतान थे. इस सच्चाई को पहचानने केलिए सभी को साम्प्रदायिकता का चश्मा उतारकर उन्हें देखना, जांचना और परखना होगा.” अलाउद्दीन खिलजी उन्ही शैतानों में से एक अनपढ़ महाखूंखार शैतान था. खिलजी मध्य एशिया का तुर्की थे जो अफगानिस्तान में आकर रहने लगे थे. अलाउद्दीन जुलाई १२९६ ईस्वी में अपने चचा सुल्तान जलालुद्दीन खिलजी की हत्या कर खुद सुल्तान बन गया था. मृत सुल्तान…

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balban
मध्यकालीन भारत

दिल्ली में मध्य एशिया का खूंखार शैतान गुलाम बलबन

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शेयर करेंबलबन का जीवन लड़ाई-झगड़े और दंगा-फसाद से भरा हुआ है. वह क्रूर मानव हत्यारा था. दिल्ली के आसपास बार-बार उठने वाली विरोध की आवाज को दबाने केलिए उसने एक लाख मानवों की हत्या की. प्रत्येक शहर में मरी-कटी लाशों का ढेर लग गया, जिसकी सड़ांध से सारे वातावरण में असहनीय दुर्गन्ध व्याप्त हो गई थी. (महाराष्ट्रिय ज्ञानकोष पृष्ठ जी-१९१, भाग-१२) बलबन तुर्किस्तान की अलबारी का खाकान था. बचपन में ही मुगल लुटेरों ने उसे पकड़ लिया. इन्ही मुगलों से उसने बलात्कार का पाठ पढ़ा, जिसका उपयोग उसने बाद में हिंदुस्तान में लूट, बलात्कार और हत्या का चक्र चलाकर किया.…

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Nasir-ud-din
मध्यकालीन भारत

वामपंथी इतिहासकारों के मुस्लिम प्रेम का भंडाफोड़

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शेयर करेंमध्य एशिया का खूबसूरत गुलाम इल्तुतमिश की मृत्यु के बाद उसकी बेटी रजिया अपने हुस्नोंजाल के बदौलत सत्ता हथियाने में कामयाब हो गयी थी पर जिन सरदारों पर उसके हुस्न की छांह नहीं पड़ी वे एक औरत को अपना सुल्तान मानने केलिए तैयार नहीं थे. आरम्भ में उसने अपने फौलादी अबिसिनियाई अस्तबल्ची गुलाम अम्लुद्दीन को प्यार के मोहपाश में बांधकर अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की कोशिश की पर ज्यादा दिन सुरक्षित नहीं रह सकी. इसी बीच तबरहिन्द का सरदार अल्तुनिया ने रजिया के विरुद्ध विद्रोह कर दिया. इतिहासकार पुरुषोत्तम नागेश ओक लिखते हैं, “अप्रैल १९४० ईस्वी में रजिया उसका…

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Iltutmish
मध्यकालीन भारत

मध्य एशिया का खूबसूरत गुलाम इल्तुतमिश

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शेयर करेंमध्य एशिया के तुर्किस्तान में अलबेरी जाति के एक मुसलमान के घर एक खूबसूरत लड़का पैदा हुआ था. उसका नाम अल्तमश (या इल्तुतमिश) रखा गया था. किशोरावस्था में उसका सौन्दर्य और भी निखर गया जिससे उसके अपने भाई बन्धु ही उसके शारीरिक सौन्दर्य से जल भुनकर घोड़ों के झुण्ड दिखाने का बहाना बनाकर उसे घोड़ों के व्यापारी के हाथों बेच दिया. इतिहासकार पुरुषोत्तम नागेश ओक लिखते हैं, “अल्तमश एक खूबसूरत लड़का था. मुस्लिम शासन में यह शारीरिक आकर्षण वरदान नहीं था; क्योंकि उसपर नर-भोगियों का आक्रमण होता रहता था. अगर कहीं वह शारीरिक सौन्दर्य क्रय-विक्रय की आंधी में पड़…

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qutubuddin
मध्यकालीन भारत

मध्य एशिया का तुर्की शैतान कुतुबुद्दीन ऐबक

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शेयर करेंमध्य एशिया के तुर्की हिन्दुओं, बौद्धों को जब तलवार के बल पर जबरन धर्मान्तरित किया जा रहा था और उन्हें भेड़, बकरियों की तरह गुलाम बनाया जा रहा था उन्ही गुलामों के झुण्ड में एक धर्मान्तरित गुलाम था कुतुबुद्दीन जिसे निमिषपुर में खरीदकर निमिषपुर के काजी फखरुद्दीन अब्दुल अजीज के हाथों औने पौने दाम पर बेच दिया गया था. काजी ने उसे कुरआन पढ़ाया और काफिरों के विरुद्ध जिहाद लड़ने और काफिरों का कत्लेआम करने की शिक्षा दी. फिर काजी ने उस कुरूप कुतुबुद्दीन को एक सौदागर को बेच दिया. इस प्रकार वह कई बार खरीदा और बेचा गया.…

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ज्ञानवापी मन्दिर
आधुनिक भारत, मध्यकालीन भारत

ज्ञानवापी काशी विश्वनाथ मन्दिर का सम्पूर्ण इतिहास

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शेयर करेंआज का विवादित “ज्ञानवापी” सहित सम्पूर्ण ज्ञानवापी काशी विश्वनाथ मन्दिर परिसर अनादिकाल से विश्वेशर ज्योर्तिलिंग मन्दिर के नाम से जाना जाता था. यह मन्दिर भारतवर्ष और यूरेशिया के अन्य बड़े बड़े प्राचीन मन्दिरों जैसे मक्का (अरब), वेटिकन (रोम), रावक (खोतान) आदि की तरह ज्योतिषीय आधार पर निर्मित था. काशी में विश्वेशर मन्दिर का निर्माण सर्वप्रथम किसने करवाया था इसकी कोई जानकारी नहीं है. मन्दिर से सम्बन्धित जितनी भी जानकारी  है वे इनके जीर्णोधार और पुनर्निर्माण से सम्बन्धित है. इस मन्दिर का उल्लेख महाभारत, उपनिषद, पुराण आदि में मिलता है. मन्दिर से सम्बन्धित अनेक पौराणिक कथाएं प्रचलित हैं. मुख्य ज्ञानवापी…

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दुर्गावती
ऐतिहासिक कहानियाँ, मध्यकालीन भारत

गोंडवाना की रानी वीरांगना दुर्गावती

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शेयर करेंरानी दुर्गावती महोबा के राजा कीर्तिसिंह चंदेल की एकमात्र संतान थीं. चंदेल लोधी राजपूत वंश की शाखा का ही एक भाग है. बांदा जिले के कालिंजर दुर्ग में ५ अक्तूबर, १५२४ ईसवी की दुर्गाष्टमी पर जन्म के कारण उनका नाम दुर्गावती रखा गया. नाम के अनुरूप ही वह तेज, साहस, शौर्य और सुन्दरता के कारण प्रसिद्ध हो गयी. दुर्गावती को तीर तथा बंदूक चलाने का अच्छा अभ्यास था. चीते के शिकार में इनकी विशेष रुचि थी. कालिंजर का युद्ध १५४५ ईस्वी कि बात है. बाबर कि औलाद हुमायूँ को हराकर बिहार का मुस्लिम शासक शेरशाह सूरी जो दिल्ली का…

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parmar
आधुनिक भारत, मध्यकालीन भारत

राजा भोज के वंशज कुछ परमार क्षत्रिय दलित कैसे बन गए?

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शेयर करेंफेसबुक के एक पोस्ट पर जब मैंने एक “मिस्टर परमार” को खुद को मूल निवासी बताते हुए समस्त हिंदुओं और मुझे गाली देते देखा तो दंग रह गया. मैं स्तम्भित रह गया की भारत के गौरवशाली क्षत्रिय वंशों में से एक परमार (शासन: ८०० ईस्वी से १३०५ ईस्वी) जिसमे दिग्दिगंत विजेता वाक्पति मुंज जैसा सम्राट पैदा हुआ हो जो पश्चिमी चालुक्यों के शासक तैलप द्वितीय जैसे दक्षिण के विजेता जिसने महान चोलों को भी परास्त किया था को एक दो बार नहीं पूरे छः बार पराजित किया हो, जिसके पूर्वज राजा भोज जैसे महान उदार, प्रजावत्सल, विद्वान, कई ग्रंथों…

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