शेयर करेंजोगेन्द्र नाथ मंडल का मानना था कि बहुसंख्यक हिन्दुओं के बीच दलितों की स्थिति में कभी सुधार नहीं हो सकता है. अतः हिन्दुओं के विरुद्ध संघर्ष करनेवाले अल्पसंख्यक मुसलमान और दलित पाकिस्तान में भाई भाई की तरह रह सकते हैं. उनकी आवाहन पर पाकिस्तान और बांग्लादेश के लाखों करोड़ों दलित विभाजन के दौरान न सिर्फ वहीं रह गये बल्कि लाखों उनके साथ पाकिस्तान चले गये. पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना ने जोगेन्द्र नाथ मंडल को पाकिस्तान की संविधान सभा के पहले सत्र का अध्यक्ष बनाया और वह पाकिस्तान के पहले कानून मंत्री भी बने. पर जल्द ही उनका…
Category: ऐतिहासिक कहानियाँ
गोंडवाना की रानी वीरांगना दुर्गावती
शेयर करेंरानी दुर्गावती महोबा के राजा कीर्तिसिंह चंदेल की एकमात्र संतान थीं. चंदेल लोधी राजपूत वंश की शाखा का ही एक भाग है. बांदा जिले के कालिंजर दुर्ग में ५ अक्तूबर, १५२४ ईसवी की दुर्गाष्टमी पर जन्म के कारण उनका नाम दुर्गावती रखा गया. नाम के अनुरूप ही वह तेज, साहस, शौर्य और सुन्दरता के कारण प्रसिद्ध हो गयी. दुर्गावती को तीर तथा बंदूक चलाने का अच्छा अभ्यास था. चीते के शिकार में इनकी विशेष रुचि थी. कालिंजर का युद्ध १५४५ ईस्वी कि बात है. बाबर कि औलाद हुमायूँ को हराकर बिहार का मुस्लिम शासक शेरशाह सूरी जो दिल्ली का…
डचों को भारत से खत्म करनेवाले मार्तण्ड वर्मा को भुला दिया
शेयर करेंयूरोपीय देश के लोगों को समुद्र में अजेय माना जाता था पर आपको पता है लगभग २५० साल पहले केरल के राजा मार्तण्ड वर्मा ने डच समुद्री सेना को हरा दिया था, वह भी पारंपरिक हथियारों से. लेकिन विदेशियों के मानसिक गुलाम हमारे इतिहासकारों ने इस गौरवपूर्ण विजय का इतिहास दबा दिया. वस्तिकता तो यह है कि भारत प्राचीनकाल से समुद्री शक्ति रहा था, हाँ, इस्लामिक काल में यह शक्ति भी बुरी तरह प्रभावित हुआ था. पर चोल राजाओं ने जिस प्रकार दक्षिण और दक्षिण पूर्व के समुद्री राज्यों पर विजय प्राप्त कर वहां वैदिक आर्य संस्कृति का विस्तार…
मुगलों का काल वीर बन्दा वैरागी
शेयर करेंअमर बलिदानी वीर बन्दा वैरागी २७ अक्तूबर, १६७० को जम्मू कश्मीर के पूंछ में श्री रामदेव के घर एक सामान्य हिन्दू परिवार में लक्ष्मण देव उर्फ़ बन्दा वैरागी का जन्म हुआ था. वे बचपन से मल्ल युद्ध और कुश्ती में दक्ष थे. युवावस्था में शिकार खेलना उनका सबसे प्रिय खेल था. एक दिन शिकार खेलते समय अनजाने उन्होंने एक गर्भवती हिरणी पर तीर चला दिया. इससे उसके पेट से एक शिशु निकला और तड़पकर वहीं मर गया. यह देखकर उनका मन खिन्न हो गया और वे घर छोड़कर तीर्थयात्रा पर निकल गये. उन्होंने अनेक साधुओं से योग साधना सीखी…
बंगाल का अंतिम वीर योद्धा-The Savior of Calcutta
शेयर करेंगोपाल पाठा खटिक उर्फ़ गोपालचन्द्र मुखोपाध्याय पाकिस्तान की मांग मनवाने केलिए मुस्लिम लीग ने भारत के गैरमुस्लिमों के विरुद्ध पूरे भारत में ‘सीधी कार्रवाई’ की घोषणा कर दी थी. मुस्लिम लीग के हिन्दुओं के विरुद्ध सीधी कार्यवाही (Direct Action) से सबसे अधिक प्रभावित कोलकाता, नोआखाली और रावलपिंडी हुआ था. कोलकाता में इस घटना को कोलकाता हत्या और बलात्कार कांड के नाम से जाना जाता है. जिन्ना ने कहा था कोलकाता के बिना पूर्वी पाकिस्तान अधूरा होगा. इसलिए सीधी कार्यवाही में हिन्दू बहुल कोलकाता मुस्लिम लीग के एजेंडे में सबसे उपर था. बंगाल में मुस्लिम लीग का ही सरकार था.…
तैमूर का काल रघुवंशी क्षत्राणी वीरांगना रामप्यारी गुर्जर
शेयर करेंवीरांगना रामप्यारी गुर्जर तैमूर का नाम लेते ही एक महाक्रूर और भयानक शैतान का चेहरा हमारे सामने आ जाता है जो लाख-लाख हिन्दुओं, बौद्धों, जैनों के सिरों का पहाड़ बनाकर उसके चारों ओर नाचकर खूनी जश्न मनाता था. कहा जाता है कि तैमूर लंगड़ा ने इतनी हत्याएं की थी कि दुनिया की आबादी में 3 फीसदी की कमी आ गई थी. वर्ष 1398 में भारत पर आक्रमण करने वाला तैमूर इतनी बर्बरता फैलायी थी कि उसके वर्णन मात्र से रूह कांप जाती है. लेकिन भारतवर्ष की एक वीरागंना ऐसी थी जिसने युद्ध में न सिर्फ तैमूर लंगड़े को उसी…
भारत की शान परमशक्तिशाली रघुवंशी राजा बाप्पा रावल
शेयर करेंबाप्पा रावल एक बालक की गाय रोज दूध दुहने के समय कहीं चली जाती थी. उस बालक को अक्सर भूखा रहना पड़ता था, इसलिए एक दिन वो गाय के पीछे पीछे गया और देखा गाय एक ऋषि के आश्रम में जाकर एक शिवलिंग पर अपने दूध से अभिषेक करने लगी. बालक अचम्भित देख ही रहा था कि तभी उसने देखा उसके पीछे एक ऋषि खड़े मुस्कुरा रहे हैं. उस ऋषि का नाम था “हारीत ऋषि” और वह बालक बाप्पा रावल के नाम से विख्यात हुआ. हारीत ऋषि ने ही उस बालक को शिक्षा दीक्षा दी और उनके सहयोग से…
दुश्मनों का काल रघुवंशी राजा मिहिर भोज प्रतिहार
शेयर करेंसम्राट महिर भोज प्रतिहार वीरों और योद्धाओं की जाति गुर्जर प्रतिहार रघुवंश शिरोमणि श्रीराम के अनुज लक्ष्मण के वंशज हैं. इस वंश में एक से एक महाभट योद्धा और पराक्रमी शासक हुए जिसकी जितनी चर्चा और प्रशंसा की जाये कम है. इसी गौरवशाली वंश में सम्राट मिहिर भोज का जन्म हुआ था. उन्होंने ८३६ ईस्वी से ८८५ ईस्वी तक कभी कन्नौज तो कभी उज्जैन से शासन किया. भले ही वामपंथी इतिहासकारों ने मिहिर भोज के इतिहास को काट देने की साजिश की है, मिहिर भोज क्या उन सभी महान भारतीय सम्राटों और योद्धाओं को भारतीय इतिहास से गायब कर…
भारतवर्ष के नव निर्माता महापराक्रमी पुष्यमित्र शुंग
शेयर करेंमहापराक्रमी पुष्यमित्र शुंग जबतक सम्राट अशोक अपने गुरु चाणक्य की नीतियों पर चलता हुआ खड्गहस्त रहा, मौर्य साम्राज्य फलता फूलता रहा और फैलकर पश्चिम में ईरान तो पूर्व में म्यानमार की सीमा को छूने लगा. यह उत्तर में अफगानिस्तान, कश्मीर को सम्मिलित करते हुए दक्षिण में तमिलनाडू और केरल की सीमा तक पहुँच गया था, परन्तु, शस्त्र त्यागकर भेड़ी घोष (युद्ध विजय) के स्थान पर धम्म घोष की नीति अपनाते ही चाणक्य और चन्द्रगुप्त मौर्य के खून पसीने से निर्मित विशाल मौर्य साम्राज्य देखते ही देखते भड़भडाकर गिरने लगा. कहा जाता है उसने अपने सैनिकों को भी निशस्त्र कर…
बिहार, बंगाल का विनाशक बख्तियार खिलजी को असम के वीरों ने दौड़ा दौड़ा कर मारा
शेयर करेंबख्तियार खिलजी मोहम्मद बख्तियार खिलजी गर्मसिर प्रान्त के गोर स्थान का जन्मजात लूटेरा था. अपनी लूटेरी प्रवृति के कारन वह लूटेरों के सरदार मोहम्मद गोरी के दल में शामिल हो गया और लूटपाट में अधिक से अधिक हिस्सेदारी पाने और बड़े ओहदे केलिए मोहम्मद गोरी के काम पिपासा शांत करने हेतु औरतों की दलाली करने लगा. वह हिन्दुओं, बौद्धों, जैनों को लूटने, कत्ल करने के साथ साथ उनकी स्त्रियों, बहनों और बेटियों को सेक्स गुलाम बनाकर बेचने का धंधा भी करने लगा. शैतान बख्तियार खिलजी की पैशाचिक प्रतिभा को देखते हुए मुहम्मद गोरी के अवध का सिपहसालार मलिक हिसामुद्दीन…









